ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 113113.25वाल्मीकि रामायण 113.25सारथे पश्य विध्वस्ता सायोध्या न प्रकाशते । निराकारा निरानन्दा दीना प्रतिहतस्वरा ॥ २.११३.२५ ॥पिछलापूरा अध्याय