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वाल्मीकि रामायण 11.20

तौ तु दत्तौ वरौ देव निक्षेपौ मृगयाम्यहम् ।
तथैव पृथिवीपाल सकाशे सत्यसंगर ॥२-११-२०॥

पूरा अध्याय