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वाल्मीकि रामायण 107.15

अयोध्यां गच्छ भरत प्रकृतीरनुरञ्जय ।
शत्रुघ्नसहितो वीर सह सर्वैर्द्विजातिभिः ॥ २.१०७.१५॥

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