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वाल्मीकि रामायण 106.9

धर्मबन्धेन बद्धो ऽस्मि तेनेमां नेह मातरम् ।
हन्मि तीव्रेण दण्डेन दण्डार्हां पापकारिणीम् ॥ २.१०६.९॥

पूरा अध्याय