ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 104104.11वाल्मीकि रामायण 104.11भवत्वविधवा भूमिः समग्रा पतिना त्वया । शशिना विमलेनेव शारदी रजनी यथा ॥ २.१०४.११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय