Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 61.22

अथ राजा महाबाहो वाक्य अन्ते ब्रह्म वादिनः ।
हिरण्यस्य सुवर्णस्य कोटिभी रत्न राशिभिः ॥१-६१-२२॥

पूरा अध्याय