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वाल्मीकि रामायण 59.19

सप्त जाति शतानि एव मृतपाः सन्तु सर्वशः ।
श्व मांस नियत आहारा मुष्टिका नाम निर्घृणाः ॥१-५९-१९॥

पूरा अध्याय