ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5959.18वाल्मीकि रामायण 59.18भस्मी भूता दुरात्मानो भविष्यन्ति न संशयः । अद्य ते काल पाशेन नीता वैवस्तव क्षयम् ॥१-५९-१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय