ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5656.8वाल्मीकि रामायण 56.8शोषणम् दारणम् चैव वज्रम् अस्त्रम् सुदुर्जयम् । ब्रह्म पाशम् काल पाशम् वारुणम् पाशम् एव च ॥१-५६-८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय