ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5656.7वाल्मीकि रामायण 56.7मानवम् मोहनम् चैव गांधर्वम् स्वापनम् तथा । जृंभणम् मदानम् चैव संतापन विलापने ॥१-५६-७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय