ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 55.16वाल्मीकि रामायण 5.16चित्रम् अष्टापद आकाराम् वर नारी गणैर् युताम् । सर्व रत्न समाकीर्णाम् विमान गृह शोभिताम् ॥१-५-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय