ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 4444.12वाल्मीकि रामायण 44.12सा त्वया समतिक्रान्ता प्रतिज्ञा पुरुषर्षभ । प्राप्तो असि परमम् लोके यशः परम संमतम् ॥१-४४-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय