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वाल्मीकि रामायण 44.11

दिलीपेन महाभाग तव पित्रा अतितेजसा ।
पुनर् न शकिता नेतुम् गंगाम् प्रार्थयत अनघ ॥१-४४-११॥

पूरा अध्याय