ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3535.18वाल्मीकि रामायण 35.18ददौ धर्मेण हिमवान् तनयाम् लोक पावनीम् । स्वच्छंद पथ गाम् गंगाम् त्रैलोक्य हित काम्यया ॥१-३५-१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय