ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3333.22वाल्मीकि रामायण 33.22यथा क्रमम् ततः पाणिम् जग्राह रघुनंदन । ब्रह्मदत्तो महीपालः तासाम् देवपतिर् यथा ॥१-३३-२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय