ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 2525.17वाल्मीकि रामायण 25.17न हि ते स्त्री वध कृते घृणा कार्या नरोत्तम । चातुर् वर्ण्य हितार्थाम् हि कर्तव्यम् राज सूनुना ॥१-२५-१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय