Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 17.36

तैः इयम् पृध्वी शूरैः सपर्वत वन अर्णवा ।
कीर्णा विविध संस्थानैः नाना व्यंजन लक्षणैः ॥१-१७-३६॥

पूरा अध्याय