ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 1717.35वाल्मीकि रामायण 17.35महाबलो महाबाहुः वाली विपुल विक्रमः । जुगोप भुज वीर्येण ऋक्ष गोपुच्छ वानरान् ॥१-१७-३५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय