ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 4141.5ऋग्वेद 41.5स प॑वस्व विचर्षण॒ आ म॒ही रोद॑सी पृण । उ॒षाः सूर्यो॒ न र॒श्मिभि॑ः ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय