Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 17.3

अत्यू॑र्मिर्मत्स॒रो मद॒ः सोम॑ः प॒वित्रे॑ अर्षति । वि॒घ्नन्रक्षां॑सि देव॒युः ॥३॥

पूरा अध्याय