Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 13.2

पव॑मानमवस्यवो॒ विप्र॑म॒भि प्र गा॑यत । सु॒ष्वा॒णं दे॒ववी॑तये ॥२॥

पूरा अध्याय