ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 113113.1ऋग्वेद 113.1श॒र्य॒णाव॑ति॒ सोम॒मिन्द्र॑ः पिबतु वृत्र॒हा । बलं॒ दधा॑न आ॒त्मनि॑ करि॒ष्यन्वी॒र्यं॑ म॒हदिन्द्रा॑येन्दो॒ परि॑ स्रव ॥१॥अगलापूरा अध्याय