Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 104.3

पु॒नाता॑ दक्ष॒साध॑नं॒ यथा॒ शर्धा॑य वी॒तये॑ । यथा॑ मि॒त्राय॒ वरु॑णाय॒ शंत॑मः ॥३॥

पूरा अध्याय