ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 9393.5ऋग्वेद 93.5यद्वा॑ प्रवृद्ध सत्पते॒ न म॑रा॒ इति॒ मन्य॑से । उ॒तो तत्स॒त्यमित्तव॑ ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय