ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 9393.4ऋग्वेद 93.4यद॒द्य कच्च॑ वृत्रहन्नु॒दगा॑ अ॒भि सू॑र्य । सर्वं॒ तदि॑न्द्र ते॒ वशे॑ ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय