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ऋग्वेद 60.3

अग्ने॑ क॒विर्वे॒धा अ॑सि॒ होता॑ पावक॒ यक्ष्य॑ः । म॒न्द्रो यजि॑ष्ठो अध्व॒रेष्वीड्यो॒ विप्रे॑भिः शुक्र॒ मन्म॑भिः ॥३॥

पूरा अध्याय