ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 5454.6ऋग्वेद 54.6आजि॑पते नृपते॒ त्वमिद्धि नो॒ वाज॒ आ व॑क्षि सुक्रतो । वी॒ती होत्रा॑भिरु॒त दे॒ववी॑तिभिः सस॒वांसो॒ वि शृ॑ण्विरे ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय