ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 55.22ऋग्वेद 5.22क॒दा वां॑ तौ॒ग्र्यो वि॑धत्समु॒द्रे ज॑हि॒तो न॑रा । यद्वां॒ रथो॒ विभि॒ष्पता॑त् ॥२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय