Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 5.21

उ॒त नो॑ दि॒व्या इष॑ उ॒त सिन्धूँ॑रहर्विदा । अप॒ द्वारे॑व वर्षथः ॥२१॥

पूरा अध्याय