ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 4444.29ऋग्वेद 44.29धीरो॒ ह्यस्य॑द्म॒सद्विप्रो॒ न जागृ॑वि॒ः सदा॑ । अग्ने॑ दी॒दय॑सि॒ द्यवि॑ ॥२९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय