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ऋग्वेद 34.9

आ त्वा॑ मद॒च्युता॒ हरी॑ श्ये॒नं प॒क्षेव॑ वक्षतः । दि॒वो अ॒मुष्य॒ शास॑तो॒ दिवं॑ य॒य दि॑वावसो ॥९॥

पूरा अध्याय