Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 34.10

आ या॑ह्य॒र्य आ परि॒ स्वाहा॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ । दि॒वो अ॒मुष्य॒ शास॑तो॒ दिवं॑ य॒य दि॑वावसो ॥१०॥

पूरा अध्याय