ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 3131.16ऋग्वेद 31.16न य॑जमान रिष्यसि॒ न सु॑न्वान॒ न दे॑वयो । दे॒वानां॒ य इन्मनो॒ यज॑मान॒ इय॑क्षत्य॒भीदय॑ज्वनो भुवत् ॥१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय