ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 2424.7ऋग्वेद 24.7विश्वा॑नि वि॒श्वम॑नसो धि॒या नो॑ वृत्रहन्तम । उग्र॑ प्रणेत॒रधि॒ षू व॑सो गहि ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय