ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 2424.2ऋग्वेद 24.2शव॑सा॒ ह्यसि॑ श्रु॒तो वृ॑त्र॒हत्ये॑न वृत्र॒हा । म॒घैर्म॒घोनो॒ अति॑ शूर दाशसि ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय