ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 1515.2ऋग्वेद 15.2यस्य॑ द्वि॒बर्ह॑सो बृ॒हत्सहो॑ दा॒धार॒ रोद॑सी । गि॒रीँरज्राँ॑ अ॒पः स्व॑र्वृषत्व॒ना ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय