Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 15.1

तम्व॒भि प्र गा॑यत पुरुहू॒तं पु॑रुष्टु॒तम् । इन्द्रं॑ गी॒र्भिस्त॑वि॒षमा वि॑वासत ॥१॥

पूरा अध्याय