ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 103103.2ऋग्वेद 103.2प्र दैवो॑दासो अ॒ग्निर्दे॒वाँ अच्छा॒ न म॒ज्मना॑ । अनु॑ मा॒तरं॑ पृथि॒वीं वि वा॑वृते त॒स्थौ नाक॑स्य॒ सान॑वि ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय