ग्रंथऋग्वेदमण्डल 7सूक्त 5959.2ऋग्वेद 59.2यु॒ष्माकं॑ देवा॒ अव॒साह॑नि प्रि॒य ई॑जा॒नस्त॑रति॒ द्विष॑ः । प्र स क्षयं॑ तिरते॒ वि म॒हीरिषो॒ यो वो॒ वरा॑य॒ दाश॑ति ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय