ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 6161.4ऋग्वेद 61.4प्र णो॑ दे॒वी सर॑स्वती॒ वाजे॑भिर्वा॒जिनी॑वती । धी॒नाम॑वि॒त्र्य॑वतु ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय