Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 45.32

यस्य॑ वा॒योरि॑व द्र॒वद्भ॒द्रा रा॒तिः स॑ह॒स्रिणी॑ । स॒द्यो दा॒नाय॒ मंह॑ते ॥३२॥

पूरा अध्याय