ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 4545.15ऋग्वेद 45.15स रथे॑न र॒थीत॑मो॒ऽस्माके॑नाभि॒युग्व॑ना । जेषि॑ जिष्णो हि॒तं धन॑म् ॥१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय