ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 4545.13ऋग्वेद 45.13अभू॑रु वीर गिर्वणो म॒हाँ इ॑न्द्र॒ धने॑ हि॒ते । भरे॑ वितन्त॒साय्य॑ः ॥१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय