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ऋग्वेद 75.1

प्रति॑ प्रि॒यत॑मं॒ रथं॒ वृष॑णं वसु॒वाह॑नम् ।
स्तो॒ता वा॑मश्विना॒वृषि॒ः स्तोमे॑न॒ प्रति॑ भूषति॒ माध्वी॒ मम॑ श्रुतं॒ हव॑म् ॥१॥

पूरा अध्याय