ग्रंथऋग्वेदमण्डल 5सूक्त 6161.15ऋग्वेद 61.15यू॒यं मर्तं॑ विपन्यवः प्रणे॒तार॑ इ॒त्था धि॒या । श्रोता॑रो॒ याम॑हूतिषु ॥१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय