Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 61.1

के ष्ठा॑ नर॒ः श्रेष्ठ॑तमा॒ य एक॑एक आय॒य । प॒र॒मस्या॑ः परा॒वत॑ः ॥१॥

पूरा अध्याय