Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 35.4

वृषा॒ ह्यसि॒ राध॑से जज्ञि॒षे वृष्णि॑ ते॒ शव॑ः ।
स्वक्ष॑त्रं ते धृ॒षन्मन॑ः सत्रा॒हमि॑न्द्र॒ पौंस्य॑म् ॥४॥

पूरा अध्याय