ग्रंथऋग्वेदमण्डल 2सूक्त 4141.18ऋग्वेद 41.18इ॒मा ब्रह्म॑ सरस्वति जु॒षस्व॑ वाजिनीवति । या ते॒ मन्म॑ गृत्सम॒दा ऋ॑तावरि प्रि॒या दे॒वेषु॒ जुह्व॑ति ॥१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय