ग्रंथऋग्वेदमण्डल 10सूक्त 187187.3ऋग्वेद 187.3यो रक्षां॑सि नि॒जूर्व॑ति॒ वृषा॑ शु॒क्रेण॑ शो॒चिषा॑ । स न॑ः पर्ष॒दति॒ द्विष॑ः ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय