Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 145.6

उप॑ तेऽधां॒ सह॑मानाम॒भि त्वा॑धां॒ सही॑यसा ।
मामनु॒ प्र ते॒ मनो॑ व॒त्सं गौरि॑व धावतु प॒था वारि॑व धावतु ॥६॥

पूरा अध्याय